कभी कभी ChatGPT में एक ही Document को बार-बार अटेच करके सवाल पूछने पर कई बार अलग-अलग जवाब मिलने लगते हैं।
कभी किसी बात को ज्यादा महत्व दिया जाता है, कभी कोई जानकारी छूट जाती है और कभी जवाब समझाने का तरीका बदल जाता है।
यह परेशानी खासकर तब होती है जब किसी जरूरी फाइल पर लगातार काम करना हो और हर बार एक जैसी जानकारी चाहिए।
इसका कारण केवल फाइल नहीं होता, बल्कि सवाल पूछने का तरीका और पहले दिए गए निर्देश और मांगे गए जवाब का तरीका भी हो सकता है।
अगर इन चीजों को ठीक से संभाला जाए, तो जवाबों में होने वाले अंतर को काफी कम किया जा सकता है और काम भी ज्यादा आसानी से किया जा सकता है।
आज के आर्टिकल में आगे आप इसी से जुडी ट्रिक को जानेंगे!
ChatGPT से सवाल पूछने का तरीका हर बार एक जैसा रखें
अगर आप एक ही फाइल से बार-बार काम कर रहे हैं, तो हर बार सवाल पूछने का तरीका और उसमें दिए गए निर्देश लगभग एक जैसे रखें।
• पहले यह तय करें कि आपको फाइल से किस तरह की जानकारी चाहिए।
• पहली बार पांच मुख्य बातें पूछने और दूसरी बार पूरी जानकारी का निष्कर्ष मांगने पर जवाब अलग आ सकता है।
• अगर हर बार केवल गलतियां ढूंढनी हैं, तो एक ही तरह का सवाल इस्तेमाल करें।
• उदाहरण के लिए दिए गए लेख में केवल तथ्य, नाम, तारीख और घटनाओं से जुड़ी गलतियां बताइए। सही जानकारी अपनी तरफ से न जोड़ें।”
• अगर किसी सूची से केवल जरूरी जानकारी निकालनी है, तो हर बार उसी नियम का इस्तेमाल करें।
• सवाल जितना स्पष्ट और एक जैसा होगा, जवाब में उतना ही कम बदलाव देखने को मिलेगा।
• बहुत छोटा सवाल पूछने के बजाय अपने काम का उद्देश्य साफ बताना ज्यादा बेहतर रहता है।
एक ही फाइल से लगातार एक जैसा जवाब चाहिए, तो सवाल का उद्देश्य और तरीका भी एक जैसा रखें।
पहले से क्लियर करें कि जानकारी का इस्तेमाल कैसे करना है
किसी फाइल पर काम शुरू करने से पहले यह साफ बता दें कि उपलब्ध जानकारी में से क्या लेना है और क्या नहीं लेना है।
• कई बार परेशानी इसलिए होती है क्योंकि सवाल पूछने वाला यह साफ नहीं बताता कि उपलब्ध जानकारी में से क्या इस्तेमाल करना है।
• अगर आप कोई रिपोर्ट भेजकर केवल इतना पूछते हैं कि “इसके बारे में बताइए”, तो जवाब देने के कई तरीके हो सकते हैं।
• कोई मुख्य बातें बता सकता है, कोई सारांश दे सकता है और कोई अपनी समझ से अतिरिक्त जानकारी भी जोड़ सकता है।
• ऐसी स्थिति से बचने के लिए सवाल पूछते समय पहले ही जरूरी नियम स्पष्ट कर दें।
• अगर आपको केवल दी गई फाइल की जानकारी चाहिए, तो साफ लिखें कि बाहर की अतिरिक्त जानकारी नहीं जोड़नी है।
• अगर किसी सवाल का जवाब फाइल में नहीं मिलता है, तो साफ बताने के लिए कहें कि इसकी जानकारी फाइल में उपलब्ध नहीं है।
• अगर आप चाहते हैं कि नाम, तारीख और आंकड़े बिल्कुल उसी तरह लिखे जाएं जैसे फाइल में दिए गए हैं, तो यह बात भी पहले ही बता दें।
• इससे जवाब तैयार करते समय अपनी तरफ से बदलाव करने या अतिरिक्त जानकारी जोड़ने की गुंजाइश कम हो जाती है।
• यह तरीका खासकर रिपोर्ट, ग्राहक की जानकारी, काम की सूची या किसी लंबे लेख पर बार-बार काम करते समय ज्यादा उपयोगी होता है।
• एक बार नियम तय हो जाने के बाद उसी तरीके को आगे भी अपनाना आसान रहता है।
पहले से यह स्पष्ट कर देने पर कि फाइल की जानकारी का इस्तेमाल किस तरह करना है, जवाब ज्यादा सटीक और आपकी जरूरत के अनुसार मिलता है।
पुराने सवाल पर निर्भर रहने के बजाय जरूरी बातें फिर से बताएं
अगर आपने पहले किसी बातचीत में कई जरूरी बातें समझाई थीं, तो नया सवाल पूछते समय यह मानकर न चलें कि हर पुरानी बात उसी तरह ध्यान में रहेगी।
• लंबे समय तक चलने वाली बातचीत में बहुत सारी जानकारी जमा हो सकती है और नए सवाल का ध्यान किसी दूसरी बात पर जा सकता है।
• इसलिए जब कोई काम आपके लिए जरूरी हो, तो नए सवाल के साथ उसकी मुख्य बातें दोबारा लिख दें।
• अगर पहले आपने कहा था कि किसी फाइल से केवल दी गई जानकारी लेनी है, तो नए सवाल में भी यह नियम दोबारा लिख दें।
• इसी तरह अगर जवाब आसान हिंदी में चाहिए, तो यह बात भी नए सवाल में स्पष्ट कर दें।
• यह तरीका खास तौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो एक ही तरह का काम रोज करते हैं।
• मान लीजिए कोई व्यक्ति रोज क्लाइंट के भेजे हुए आर्टिकल की जांच करता है। अगर वह हर नए काम में जांच के नियम दोबारा लिख देता है, तो जवाब मिलने का तरीका ज्यादा स्थिर रह सकता है।
• जरूरी बातों को छोटा करके लिखना भी ठीक है। हर बार पूरी पुरानी बातचीत दोहराने की जरूरत नहीं है।
• बस वही बातें दोबारा लिखें जिनका जवाब पर सीधा असर पड़ता है।
जरूरी निर्देश नए सवाल में दोबारा लिखने से काम का तरीका ज्यादा स्पष्ट रहता है और जवाब में अनचाहे बदलाव कम होते हैं।
जवाब का तरीका पहले से तय करके रखें
सिर्फ यह बताना काफी नहीं है कि आपको कौन-सी जानकारी चाहिए, यह भी पहले से स्पष्ट कर दें कि जवाब किस तरह चाहिए।
• अगर एक बार आप पांच बिंदुओं में जवाब मांगते हैं और दूसरी बार पैराग्राफ में, तो दोनों परिणाम देखने में अलग लगेंगे।
• पहले से तय कर सकते हैं कि जवाब कितनी लंबाई का होना चाहिए, कितनी बातें बतानी हैं और जानकारी किस क्रम में रखनी है।
• उदाहरण के लिए, आप कह सकते हैं कि पहले समस्या बताएं, उसके बाद कारण और अंत में उसका आसान उपाय बताएं।
• अगर आप रोज एक ही तरह का काम करते हैं, तो इन नियमों को कहीं लिखकर रख सकते हैं।
• अगली बार काम करते समय उसी निर्देश को दोबारा इस्तेमाल कर दें, इससे हर बार नए तरीके से समझाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
• यह तरीका लेख लिखने, जानकारी की जांच करने, ग्राहक के काम को समझने, आंकड़ों को देखने और किसी लंबे पाठ से जरूरी बातें निकालने में उपयोगी हो सकता है।
• जब काम करने का ढांचा पहले से तय रहता है, तो अलग-अलग बार मिले जवाबों की तुलना करना भी आसान हो जाता है।
जवाब का तरीका पहले से तय रखने से हर बार एक जैसा ढांचा मिलता है और अलग-अलग जवाबों को समझना व उनकी तुलना करना आसान हो जाता है।
निष्कर्ष
एक ही फाइल से अलग-अलग जवाब मिलने का मतलब हमेशा यह नहीं होता कि कोई बड़ी तकनीकी परेशानी है।
कई बार सवाल के शब्द, मांगी गई जानकारी, पहले बताए गए नियम और जवाब का तरीका बदलने से परिणाम भी बदल जाता है।
इसलिए सबसे पहले अपने सवाल को साफ रखें और यह बताएं कि आपको किस तरह की जानकारी चाहिए।
इसके बाद जरूरी नियम तय कर लें और बार-बार होने वाले काम के लिए उन्हीं नियमों का इस्तेमाल करें।
अगर नया सवाल शुरू कर रहे हैं, तो काम से जुड़ी जरूरी बातें दोबारा लिख दें।
जवाब का ढांचा भी पहले से तय रखना मददगार रहेगा। इन तरीकों से आपको हर बार पूरी तरह एक जैसा जवाब तो नहीं मिलेगा,
लेकिन जवाबों में होने वाला बेवजह का अंतर काफी कम हो सकता है और आपका काम ज्यादा व्यवस्थित तरीके से पूरा होगा।
ChatGPT FAQs
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