Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है और इससे कैसे बचें?
Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है और इससे कैसे बचें?

Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है और इससे कैसे बचें?

वर्तमान समय में साइबर अपराध अपने चरण सीमा तक पहुंच चुका है और इसका सबसे बड़ा कारण है साइबर क्राइम के प्रति जागरूक ना होना।

जागरूक ना होने की वजह से साइबर क्राइम का शिकार अधिकतर महिलाएं ही बनती हैं।आंकड़ों के अनुसार देखा जाए तो भारत की एक तिहाई महिलाएं साइबर क्राइम का शिकार बन चुकी हैं, जिसमें से 18.3 फ़ीसदी महिलाएं ऐसी हैं जिनके साथ साइबर क्राइम हुआ है लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा तक नहीं है।

इसलिए आज के आर्टिकल में हम आपको साइबर क्राइम के बारे में विस्तार से जानकारी प्रदान करेंगे जिससे आप जान पाएंगे कि Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है, इससे कैसे बचें और Cyber Crime कितने प्रकार के होते हैं, साइबर क्राइम से बचने के उपाय के अलावा साइबर क्राइम से पीड़ित होने के बाद क्या करना चाहिए के बारे में हम आपको बताएंगे।

Contents

Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है?

Cyber Crime का तात्पर्य ऑनलाइन ठगी (online fraud) या चोरी से है। यह एक ऐसा Crime है जिसमें कंप्यूटर और नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाता है।

सरल शब्दों में समझा जाए तो किसी डिजीटल उपकरण जैसे – फोन, कंप्यूटर और लैपटॉप का इस्तेमाल करते हुए इंटरनेट के माध्यम से किए जाने वाले अपराधों को साइबर क्राइम कहा जाता है। जैसे – किसी की वेबसाइट को हैक करना, ब्लैकमेलिंग करना, सिस्टम डेटा को चुराना, स्टॉकिंग, पोर्नोग्राफी आदि।

Cyber Crime (साइबर अपराध) के प्रकार | Types of Cyber Crime

साइबर क्राइम में अपराधी अपने सॉफ्टवेयर से आपके फोन या लैपटॉप के सॉफ्टवेयर को जोड़ देते हैं और फिर बिना आपको खबर लगे आपके बिज़नेस से जुड़ी सभी जानकारी, आपकी बैंक डीटेल्स आदि हासिल करके आपको क्षति पहुंचाने का काम करते हैं।

यदि आप भी अपने लगभग सभी व्यवसायिक काम इंटरनेट के माध्यम से करते हैं तो आपके लिए Cyber Crime के कुछ महत्त्वपूर्ण प्रकारों के बारे में जानना बहुत आवश्यक है।

हैकिंग (Hacking) –

जब कोई व्यक्ति गैरकानूनी रूप से इंटरनेट या किसी नेटवर्क की सहायता से बिना सामने वाले व्यक्ति की अनुमति के उसकी निजी जानकारियों को अपने कंट्रोल में ले लेता है, इस गैरकानूनी कार्य को ही हैकिंग नाम दिया गया है और इस गैरकानूनी कार्य को अंजाम देने वाले व्यक्ति को हैकर (Hacker) कहा जाता है।

साइबर स्टॉकिंग (Cyber Stalking) –

आज के समय में साइबर स्टॉकिंग का शिकार आए दिन लोग हो रहे हैं। साइबर स्टॉकिंग करने वाले अपराधी मुख्य रूप से सोशल मीडिया (फेसबुक, इंस्टाग्रामआदि) का सहारा लेते हैं।

ये अपराधी छोटे बच्चे और टीनएजर्स को अपना शिकार बनाते हैं। ये इन्हें अभद्र प्रकार की चैट करते हैं या फिर उन्हें गलत पिक्चर्स भी भेजते हैं।

अपराधी उन्हें अलग अलग आईडी से परेशान करता रहता है या फिर उन्हें ब्लैकमेल करता है। साइबर स्टॉकिंग साइबर क्राइम के अंतर्गत आता है यदि पीड़ित व्यक्ति इसके खिलाफ रिपोर्ट लिखवाता है तो तुरंत ही इस पर एक्शन भी लिया जाता है।

साइबर स्पाइंग (Cyber S​​pying) –

साइबर स्पाइंग में अपराधी होटल के बाथरूम और कमरे में, शॉपिंग मॉल के ट्रॉयल रूम में छोटे कैमरे लगा देता है। इन कैमरों में वह अश्लील फोटो और वीडियोज रिकॉर्ड करके लोगों को ब्लैकमेल करने का काम करते हैं।

साइबर बुलिंग (Cyber Bulling) –

साइबर बुल्लयिंग में अपराधी लड़के सोशल मीडिया के जरिए लड़कियों से दोस्ती करते हैं और फिर उस दोस्ती को आगे बढ़ाते हुए उन लड़कियों से संबंध बना लेते हैं। सम्बन्ध बनाने के दौरान वे उन लड़कियों की अश्लील फोटो व वीडियोज बना लेते हैं और फिर उन्हें ब्लैकमेल करना शुरू कर देते हैं।

वे उन्हें लड़कियों को उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने की धमकी भी देते हैं, ऐसे में पीड़िता डरकर अपराधी की शर्ते मानने के लिए मजबूर हो जाती हैं।

वायरस सॉफ्टवेयर –

वायरस सॉफ्टवेयर भी साइबर क्राइम के अंतर्गत आता है। कुछ ऐसे सॉफ्टवेयर और नेटवर्क होते हैं जिन्हें व्यक्ति अगर अपने फोन या कंप्यूटर में डाउनलोड कर ले तो इससे आपका कंप्यूटर और फोन को पूरी तरह से हैक कर लिया जाता है।

इस हैकिंग के द्वारा आपके कंप्यूटर की संपूर्ण जानकारी अपराधी प्राप्त कर लेता है और आपके सभी अकाउंट का एक्सेस भी अपराधी को मिल जाता है।

साइबर क्राइम से बचने के उपाय:-

वर्तमान समय में इंटरनेट के बिना कोई भी काम सम्भव नहीं है। इसलिए इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतना बहुत आवश्यक है। आप यहां नीचे बताए गए tips को फॉलो करके साइबर क्राइम का शिकार होने से बच सकते हैं।

सुरक्षित इंटरनेट सेवा का ही उपयोग करें-

कई बार फ्री में हमे वाईफाई कनेक्शन मिल जाती है जिसका हम बिना सोचे समझे इस्तेमाल करने लगते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि यह  फ्री में मिलने वाली इंटरनेट आपके लिए कितनी हानिकारक साबित हो सकती है।

आपको बता दें, कुछ ऐसे वाईफाई भी होते हैं जिनका इस्तेमाल करने से आपका फोन हैक हो जाता है और आपके फोन की सभी निजी जानकारी चुरा ली जाती है। इसलिए आप सदैव किसी भी फ्री मिलने वाई-फाई की सुविधा लेने से बचें।

अपने सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें-

साइबर क्राइम की दुर्घटना आपके साथ न हो इसके लिए आप नियमित रूप से अपने ऑपरेटिंग सिस्टम और अपने इंटरनेट के सॉफ्टवेयर को अपडेट रखें।

यदि आप अपने सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट रखेंगे तो कोई भी आपके सॉफ्टवेयर से आपके पर्सनल डाटा को नहीं चुरा पाएगा।

आप अपना व अपने परिवार से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई निजी जानकारी को सोशल मीडिया पर शेयर बिल्कुल भी न करें।

वर्तमान समय में लोगों के बीच एक अजीब सा ट्रेंड है, लोग अपने से जुड़ी हर छोटी बड़ी बात को सोशल मीडिया पर अपलोड करते हैं। कुछ स्टॉकर इसी का फायदा उठाते हैं और आप को फॉलो करना start कर देते हैं। जिससे आप कभी भी खतरे में पड़ सकते हैं।

इसलिए आप अपने से जुड़ी कोई भी important information को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर भूलकर भी शेयर ना करें, इससे आप साइबर क्राइम से बच जाएंगे।

मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें-

साइबर क्राइम की दुर्घटना आपके साथ न हो इसके लिए आप अपनी निजी जानकारियों से जुड़ी सभी एप्लीकेशन में एक strong पासवर्ड लगाएं और अपने पासवर्ड को आपको नियमित रूप से बदलते रहना चाहिए। ताकि कोई भी आपके पासवर्ड को क्रैक ना कर सके।

अपने बच्चों को इंटरनेट से जुड़ी सभी जानकारियां प्रदान करें-

साइबर क्राइम के शिकार आज के समय में छोटे-छोटे बच्चे हो रहे हैं, इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि उनके बीच संपूर्ण जानकारी का अभाव होना। इसलिए माता-पिता का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों को इंटरनेट से जुड़ी सभी जानकारियां विस्तार में अवश्य समझाएं ताकि उनके बच्चों के  साथ कुछ भी गलत न होने पाए।

साइबर क्राइम से पीड़ित होने के बाद आपको क्या करना चाहिए?

  • यदि आपके साथ साइबर क्राइम हुआ है या फिर आप साइबर अपराध का शिकार हो रहे हैं तो आप सबसे पहले धैर्य से काम लीजिए।
  • आप अपने घर में मौजूद लोगों को इसके बारे में पूरी सूचना दें और फिर आप तुरंत ही पुलिस की मदद लें।
  • अपने साथ हुए साइबर क्राइम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। आज हर जगह साइबर क्राइम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए अलग-अलग पुलिस स्टेशन बनाए गए होते हैं, जहां पर आप की शिकायत दर्ज करने के बाद कार्यवाही आरंभ कर दी जाती है।
  • यदि आप आपके साथ बैंक से जुड़ी किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी हुई है तो आप सबसे पहले अपने बैंक से संपर्क करके अपने क्रेडिट, डेबिट और अन्य कार्ड बंद करने के लिए अर्जी करें।
  • यदि आपके साथ सोशल मीडिया अकाउंट (फेसबुक) से जुड़ी कोई भी दुर्घटना हुई है तो आप तुरंत फेसबुक फीडबैक के जरिए अपनी बात फेसबुक कंपनी तक पहुंचा देनी चाहिए। जिससे कोई भी व्यक्ति आपके सोशल मीडिया अकाउंट का गलत इस्तेमाल ना कर पाए।
  • यदि आपके साथ किसी भी प्रकार का कोई साइबर क्राइम होता है तो आप इसकी जानकारी एफटीसी तक पहुंचा सकते हैं। एफटीसी तुरंत कार्यवाही आरंभ कर देगी।

ऑनलाइन Cyber Crime की शिकायत कैसे और कहां दर्ज करें (Register Cyber Crime Complaint online)

अपने साथ हुए Cyber Crime की शिकायत आप बिना कहीं गए घर बैठे भी online कर सकते हैं।

सरकार ने साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराने के लिए  ऑनलाइन वेबसाइट cybercrime.gov.in शुरू की है, जिसके माध्यम से आप बिना कहीं गए घर बैठे भी online Cyber Crime की शिकायत कर सकते हैं।

ऑनलाइन वैबसाइट पर Cyber Crime Complaint दर्ज होने के बाद गृह मंत्रालय से मामले की जांच के लिए प्रदेश पुलिस को भेज दिया जाता है। साथ ही एक वरिष्ठ अधिकारी की नियुक्ती भी की जाती है जो समय-समय पर इसकी रिपोर्ट मंत्रालय में भेजता है।

ऑनलाइन साइबर क्राइम की शिकायत करनें की प्रक्रिया (Cyber Crime Online Complaint Process)

Step 1: साइबर अपराध से सम्बंधित शिकायत दर्ज करनें के लिए आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल cybercrime.gov.in पर जाएँ।

Step 2: वहां आपको होम पेज पर Report Women/Child Related Complain में Report Anonymously के ऑप्शन पर क्लिक करे।

Step 3: क्लिक करते ही आपके सामनें एक नया पेज ओपन होगा, जिसमें आपको File a Complaint के option पर क्लिक करना है।

Step 4: आपके सामनें एक फार्म खुल कर आएगा, जिसमें आपको अपने बारे में information देना होगा और आपको अपने साथ हुए Cyber Crime  के बारे में विवरण देना होगा।

Step 5: अब आप Next पर क्लिक करके आगे बढ़ते जाना है। आपकी शिकयत सफलतापूर्वक दर्ज हो जाएगी।शिकायत दर्ज होने के बाद आपको एक Complaint No. मिलेगा। इस Complaint No. की सहायता से आपने जो शिकायत दर्ज कराई है, उसका स्टेटस चेक कर सकते हैं।

साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर | Cyber Crime Helpline Number

cyber crime complaint की ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने के अतिरिक्त आप cyber crime helpline number 155260 पर भी संपर्क कर सकते हैं।

निष्कर्ष

हम आशा करते हैं कि आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी “Cyber Crime (साइबर अपराध) क्या है और इससे कैसे बचें” पसंद आयी होगी। 

इस जानकारी को आप अपने friends के साथ व अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जरूर से शेयर करें।आप इस आर्टिकल से संबंधित कोई भी सवाल, सलाह या सुझाव हमें Comment Box में भी दे सकते हैं।

Video:

How to Report Cyber Crime Online in India – cybercrime report kaise kare | online report kaise kare

Leave a Reply